देवी-देवताओं को अर्पित की जाने वाली गुड़हल का फूल सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता है, बल्कि यह शरीर की कई बीमारियों में औषधि की तरह काम भी करता है। यह फूल न केवल देखने में खूबसूरत होता है, बल्कि सेहत का भी खजाना है।
आयुर्वेद में गुड़हल को ‘जपा पुष्प’ के नाम से जाना जाता है। यह शीतल, रक्तवर्धक, बलवर्धक और सूजननाशक होता है। इसकी पत्तियां, फूल और जड़ तक औषधीय महत्व रखती है। खासकर इसके फूलों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है। आयुर्वेद में गुड़हल के फूल से बनी चाय के सेवन करने से कई समस्याओं की छुट्टी होती है।
गुड़हल की चाय पीने से होने वाले फायदे:
हाई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
आयुर्वेदिक डॉक्टर बताते है कि, नियमित रूप से गुड़हल की चाय पीने से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। यह रक्त वाहिकाओं को आराम देती है और ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक तरीके से कम करती है।
कोलेस्ट्रॉल का खतरा कम
आपको बता दें, गुड़हल की चाय पीने से सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर में ही फायदेमंद नहीं बल्कि बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाती है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव कंपाउंड्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
आयुर्वेद में गुड़हल की चाय डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। इसके सेवन से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करती है। अगर आप डायबिटीज के मरीज है तो इस फूल से बनी चाय का सेवन जरूर करें।
ये है गुड़हल की चाय बनाने की सामग्री-
पानी
गुड़हल के फूल
शहद
नींबू का रस
जानिए गुड़हल की चाय बनाने की विधि
गुड़हल की चाय बनाने के लिए सबसे पहले गुड़हल के फूलों को अच्छी तरह धोकर साफ करें और पंखुड़ियों को अलग करें। किसी एक बर्तन में पानी उबालें। इसमें गुड़हल की पंखुड़ियां डालें और 2-3 मिनट तक उबालें।
चाय को आंच से उतारकर 5-7 मिनट तक ढककर रखें। चाय को छान लें। यदि चाहें तो शहद और नींबू का रस मिलाएं। गुड़हल की चाय गरमा गरम परोसें और इसका आनंद लें।









