देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी अब गंभीर संकट बन चुकी है। शहर की सड़कों, झुग्गी-बस्तियों, रेलवे स्टेशनों और बस डिपो पर मासूम चेहरों की तलाश हर दिन तेज हो रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, पिछले 36 घंटों में मुंबई के 7 अलग-अलग पुलिस थानों की सीमा में 12 नाबालिग बच्चे लापता हो गए हैं। जिनमें 8 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं।
अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर इन सात पुलिस स्टेशनों में किडनैपिंग के संदेह में 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह घटना शहर में पहले से चली आ रही चाइल्ड ट्रैफिकिंग की आशंका को और मजबूत कर रही है। हालांकि, मुंबई पुलिस की फुर्तीली और संवेदनशील कार्रवाई से अभिभावकों को आश्वासन मिला है कि, सभी बच्चे जल्द ही सुरक्षित मिल जाएंगे।
मुंबई पुलिस को शक है कि इन लापता होने के पीछे मानव तस्करी मुख्य कारण हो सकती है। कई मामले परिवारिक विवाद से जुड़े भी हो सकते हैं। लेकिन लगातार बढ़ते आंकड़े और लड़कियों की अधिक संख्या संगठित गिरोहों की ओर इशारा करती है।









