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ब्लैक बॉक्स से खुलेंगे राज? DFDR डेटा डाउनलोड हुआ सफल

नागर विमानन मंत्रालय ने अपने पूर्व वक्तव्य के संदर्भ में स्पष्ट किया है कि 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए लियरजेट 45 (VT-SSK) विमान हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। यह जांच विमान नियमावली, तथा अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) में निर्धारित मानक एवं अनुशंसित प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित हो रही है।

गौरतलब है कि इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के तात्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकां) के अध्यक्ष अजित पवार समेत विमान में सवार सभी की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद से ही राजनीतिक पार्टियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बाद मंत्रालय ने स्टेटमेंट जारी कर साफ किया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर स्थापित थे।

मंत्रालय ने साफ किया है कि L3 कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) का डेटा सफलतापूर्वक नई दिल्ली स्थित AAIB कार्यालय में डाउनलोड कर लिया गया है। हालांकि, हनीवेल द्वारा निर्मित कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) उच्च तापमान के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और ‘स्टेट ऑफ डिजाइन/मैन्युफैक्चर’ से तकनीकी सहायता मांगी गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में साफ किया गया है कि AAIB की जांच पूरी तरह तकनीकी और साक्ष्य-आधारित है। इसमें विमान के मलबे की विस्तृत जांच, संचालन एवं रखरखाव रिकॉर्ड का विश्लेषण तथा आवश्यक होने पर विमान के पुर्जी की प्रयोगशाला जांच शामिल है।

ICAO मानकों के अनुसार घटना के 30 दिनों के भीतर एक प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी, जबकि अंतिम रिपोर्ट उचित समय पर प्रस्तुत की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के बाद 4 फरवरी 2026 से वीएसआर वेंचर्स का विशेष ऑडिट शुरू किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद अब उनके परिवार के सदस्यों ने जांच की प्रक्रिया और तकनीकी साक्ष्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार ने बुधवार को इस हादसे की परिस्थितियों को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त कीं।

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