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ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी बेस पर की बारूद की बारिश, क्या वाकई ‘अब्राहम लिंकन’ कैरियर हुआ शिकार?

मिडिल ईस्ट में जारी खूनी संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई का दावा कर हलचल मचा दी है। ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में स्थित महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले कर उन्हें पूरी तरह बेकार करने की बात कही है। इधर पाकिस्तान के नेता ईरान के लिए केवल दिखावे के आंसू बहा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह सीधा सैन्य टकराव अब पूरे क्षेत्र को विनाशकारी युद्ध की ओर ले जा रहा है, जिससे आम जनता में भारी दहशत है।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान में कहा है कि उन्होंने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ईरानी सेना के अनुसार, कुवैत का यह बेस अब इस्तेमाल के लायक नहीं बचा है और बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को भी भारी नुकसान हुआ है। तेहरान ने यह बड़ा दावा किया है कि इस भीषण सैन्य कार्रवाई में अब तक लगभग 560 अमेरिकी सैनिक या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

ईरानी सुरक्षा बलों ने समुद्र में अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को अपना मुख्य निशाना बनाने की पुष्टि की है। दावा किया गया है कि इस विशाल युद्धपोत पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं, जिनसे इसके कमांड सेंटर और सपोर्ट स्ट्रक्चर को बहुत अधिक क्षति पहुंची है। ईरान इन हमलों को अपनी संप्रभुता की रक्षा और दुश्मनों को करारा जवाब देने वाली एक ऐतिहासिक कामयाबी के रूप में पेश कर रहा है जिसने अमेरिका को चौंका दिया है।

दूसरी ओर वाशिंगटन ने ईरान द्वारा किए गए इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें केवल आधारहीन प्रोपेगेंडा और मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके किसी भी बड़े सैन्य ठिकाने को इतना नुकसान नहीं हुआ है जितना कि ईरानी मीडिया और सुरक्षा बल बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं। हालांकि, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उन पर दोबारा हमले हुए तो वे क्षेत्र में स्थित 14 अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी मिट्टी में मिला देंगे।

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