खाड़ी देशों में जारी युद्ध की वजह से वैश्विक व्यापार में अस्थिरता देखने को मिल रही है, जिसका असर भारत तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है और कई जगहों पर सिलेंडर के लिए होड़ की स्थिति बन रही है।
गैस एजेंसियों के बाहर एलपीजी गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई है। इस स्थिति में राज्य में कई क्षेत्रों में रेस्टॉरेंट, होटलों और ठेलों पर भी भारी असर पड़ा है। इस कारण एलपीजी की कालाबाजारी ने जोर पकड़ लिया है। इस परिस्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने गैस आपूर्ति और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने लिए बड़े फैसले
- सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि गैस बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में आ रही तकनीकी दिक्कतों को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बुकिंग में परेशानी न हो।
- इसके अलावा राज्य, विभाग, जिला और तालुका स्तर पर जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए WhatsApp के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा इन 5 बड़े फैसलों से आम आदमी को मिलेगी राहत।भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- सरकार ने आने वाले धार्मिक त्योहारों और विभिन्न आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक संस्थानों तक एलपीजी सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
- नागरिकों में घबराहट या अफवाह फैलने से रोकने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत सदस्यों की मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- साथ ही, गैस सिलेंडरों के परिवहन में लगे वाहनों और गैस एजेंसियों को आवश्यक पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
महाराष्ट्र में बिगड़ रहे हालात
इजरायल युद्ध का सीधा असर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में देखने को मिल रहा है। रत्नागिरी और वाशिम में बुकिंग के नियमों में सख्ती के कारण गैस एजेंसियों के बाहर नागरिकों की लंबी कतारें लगी हैं। ऑनलाइन बुकिंग न होने से लोग खुद कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। अमरावती और कोल्हापुर में सिलेंडर वितरण के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बंदोबस्त के बीच गैस वितरण किया जा रहा है।
छत्रपति संभाजीनगर में व्यावसायिक गैस की कमी के कारण होटल व्यवसायी अब पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी पर निर्भर हो गए हैं, जिससे लकड़ी के दामों में भी भारी उछाल आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत और ईरान के बीच राजनयिक स्तर पर चर्चा जारी है।









