हमारे आस-पास एक ऐसा इंसान जरूर मौजूद है, जो खाता तो कम है, लेकिन उसका वजन बढ़ जाता है. वहीं, हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे लोगों से भी मिलते हैं, जो पूरा दिन कुछ न कुछ खाते रहते हैं, लेकिन तब भी उनका एक किलो तक वज़न नहीं बढ़ता. आप भी ऐसा सोचते होंगे कि ऐसा क्यों होता है? हाल ही में AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ. सौरभ सेठी ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कम खाने पर भी लोगों का वजन क्यों बढ़ जाता है के पीछे का कारण बताया.
क्या होता है मेटाबॉलिज्म?
मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसमें हमारा शरीर खाने को एनर्जी में बदलता है, इसी एनर्जी से हमारा शरीर सांस लेना, सोचना, खून पंप करना और खाना पचाने जैसे जरूरी काम करता है. हर इंसान का मेटाबॉलिज्म अलग-अलग होता है, किसी का तेज़ होता है तो किसी का थोड़ा धीमा.
BMR क्या होता है और क्यों है जरूरी?
BMR एक वो एनर्जी है, जो आपका शरीर सिर्फ ज़िंदा रहने के लिए खर्च करता है, भले ही आप आराम कर रहे हों या सो रहे हों, तब भी शरीर कई काम करता रहता है जैसे,
सांस लेना
दिमाग का काम करना
खाना पचाना
दिल का धड़कना और खून पंप करना
इन सभी कामों के लिए शरीर को कैलोरी चाहिए होती है, जिसे BMR कहा जाता है. बता दें हर इंसान का BMR अलग होता है.
अगर मैं ज्यादा नहीं खा रहा हूं तो भी मेरा वजन क्यों बढ़ रहा है?
डॉक्टर सौरभ सेठी के अनुसार ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, धीमे मेटाबॉलिज्म में शरीर कम कैलोरी बर्न करता है, जिसके कारण थोड़ा सा ज्यादा खाना भी शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगता है.
तेज मेटाबॉलिज्म वाले लोग
कुछ लोग जन्म से ही तेज़ मेटाबॉलिज्म के साथ पैदा होते हैं, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे
जेनेटिक्स
थायरॉइड फंक्शन
हॉर्मोन
शरीर में ज्यादा मसल
ऐसे लोग ज्यादा कैलोरी बर्न कर लेते हैं, जिसके कारण उनका वजन जल्दी से नहीं बढ़ता है.
डॉक्टर सेठी के अनुसार मांसपेशियां भी शरीर के मेटाबॉलिज्म में बड़ा रोल निभाती हैं, मसल्स, फैट की तुलना में 3 से 5 गुना ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं, जिन लोगों के शरीर में मसल्स ज्यादा होती हैं, उनका शरीर पूरे दिन ज्यादा कैलोरी खर्च करता है, यही कारण है कि वह जल्दी वेट गेन नहीं करते.
मेटाबॉलिज्म कमजोर होने कारण?
बार-बार क्रैश डाइट करना
लंबे समय तक बहुत कम कैलोरी खाना
उम्र बढ़ने के साथ मसल्स कम होना
डॉ. सेठी के मुताबिक हॉर्मोनल इम्बैलेंस भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है.
अगर किसी व्यक्ति का कम खाने के बावजूद भी वजन बढ़ रहा है, तो इसके पीछे ये वजहें हो सकती हैं,
धीमा मेटाबॉलिज्म
शरीर में मसल्स कम होना
हॉर्मोनल असंतुलन
ज्यादा कोर्टिसोल या छिपा हुआ तनाव
खराब नींद
बार-बार डाइट करने से हुए मेटाबॉलिक बदलाव









