TMC को एक और बड़ा झटका लगा है। टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। एक हफ्ते के अंदर-अंदर दूसरे सांसद का इस्तीफा सामने आया है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा से इस्तीफा देते ही उनकी असम के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की बात सामने आई है।
इस मुलाकात ने कई अटकलों को जन्म दे दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें असम से राज्यसभा सीट का ऑफर दे सकती है। अब सभी की नजरें सुष्मिता देव और हिमंत बिस्वा सरमा की मुलाकात पर टिकी हुई हैं। इससे ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
टीएमसी नेता सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। उन्होंने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है।
सुष्मिता देब दिवंगत कांग्रेस नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। सुष्मिता देव असम के सिलचर की रहने वाली हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर सिलचर से सांसद (MP) चुनी गई थीं। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया था। वह करीब 3 दशक तक कांग्रेस के साथ रही थीं। उन्हें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी का करीबी माना जाता था।
सुष्मिता देब ने साल 2021 में कांग्रेस पार्टी को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का हाथ थामा था। इसके ठीक एक महीने बाद, ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। वे ममता बनर्जी की भी खास थी। उन्होंने कई अहम संसदीय समितियों में काम किया और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहीं।
बता दें, कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 58 विधायकों ने एक विरोधी गुट तैयार कर लिया है। हाल ही में टीएमसी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार का बड़ा दावा सामने आया था। इसमें उन्होंने करहा था कि पार्टी के करीब 20 सांसद एनडीए से जुड़ने की इच्छा रखते है। इस बारे में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र सौंपा था। आपको बताते चलें, कि दस्तीदार टीएमसी के बागी गुट की अगुवाई कर रही हैं और उन्हें इसका चीफ व्हिप बनाया गया है।









