पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले सरफराज खान को लेकर बड़ी बात कही है। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।
सीरीज से पहले भारतीय टीम में एक बदलाव हुआ है और चोटिल साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।
सरफराज की टीम में वापसी को लेकर अश्विन ने कहा कि भारतीय टीम के लिए उनके साथ सही तरीके से बात करना और उन्हें स्पष्ट जानकारी देना बेहद जरूरी होगा। अश्विन का मानना है कि अगर टीम मैनेजमेंट को लगता है कि सरफराज को कुछ परिस्थितियों में खेलने का मौका मिल सकता है, तो उन्हें पहले से ये बात साफ बता देनी चाहिए।
अश्विन ने कहा कि सरफराज के लिए सही मैसेजिंग बहुत जरूरी है। अगर उन्हें पता होगा कि एशियाई पिचों पर उनके पास भारत के लिए खेलने का मौका है, तो वो अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे और स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दे सकेंगे।
अश्विन ने इस बात को समझाने के लिए न्यूजीलैंड के स्पिन गेंदबाज अजाज पटेल और दक्षिण अफ्रीका के साइमन हार्मर का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में खेलने की भूमिका के बारे में स्पष्टता रही है और ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं। रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, टीम को निचले मध्यक्रम और निचले क्रम में ऐसे बल्लेबाजों की जरूरत है जो मुश्किल समय में लंबे समय तक क्रीज पर टिक सकें। अगर टीम को ज्यादा रनों की जरूरत है तो गेंदबाजों से भी बल्लेबाजी में योगदान की उम्मीद की जानी चाहिए।
उन्होंने पुरानी रणनीति का उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई नया बल्लेबाज क्रीज पर आता था और वो निचले क्रम का खिलाड़ी होता था, तो उसे शुरुआती 10 से 20 गेंदों तक टिकने और सेट बल्लेबाज को ज्यादा स्ट्राइक देने का लक्ष्य दिया जाता था। इससे टीम मुश्किल परिस्थितियों में अतिरिक्त रन बनाने में सफल हो सकती है। सरफराज खान के लिए श्रीलंका सीरीज अहम हो सकती है। साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया है और अब उनकी नजर प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने पर होगी। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों का सामना करना उनके लिए बड़ा मौका भी हो सकता है।
अश्विन ने सिर्फ सरफराज की भूमिका पर ही बात नहीं की, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया की रणनीति को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहली प्राथमिकता 20 विकेट लेना होनी चाहिए। इसके बाद अतिरिक्त 10 से 20 रन बनाना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।









