नई दिल्ली: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले का असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिला है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू बुलियन मार्केट में भी दिखाई दिया।
फेड के इस फैसले के बीच महंगाई का स्तर भी बाजार के लिए अहम संकेत बना हुआ है। अमेरिका में अगस्त की उपभोक्ता महंगाई दर सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई, जो फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है। ब्याज दरों में बदलाव के बाद निवेशकों की नजर अब कमोडिटी मार्केट की चाल पर बनी हुई है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी फिसले
कॉमेक्स पर कारोबार के दौरान सोने की कीमत में करीब 1.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट के बाद सोना करीब 4,322.80 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
इसी तरह चांदी की कीमत में भी कमजोरी रही। इंटरनेशनल मार्केट में चांदी करीब 1.69 प्रतिशत गिरकर 63.820 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। ब्याज दरों और डॉलर की चाल से कीमती धातुओं पर पड़ने वाले असर के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
MCX पर भी सोना और चांदी कमजोर
घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1,533 रुपये टूटकर 1,50,937 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
वहीं चांदी के भाव में करीब 2,386 रुपये की गिरावट आई और इसकी कीमत लगभग 2,32,400 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
घरेलू बाजार में क्या है सोने का भाव?
बुलियन मार्केट में भी कारोबार की शुरुआत के साथ सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। उपलब्ध बाजार भाव के मुताबिक 24 कैरेट सोना करीब 1,51,580 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना करीब 1,39,948 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इसी तरह 18 कैरेट सोने का भाव करीब 1,13,685 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। चांदी की कीमत भी गिरावट के साथ करीब 2,32,260 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिखाई दी।
आगे बाजार की नजर किन संकेतों पर?
फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले के बाद अब निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इन संकेतकों में बदलाव का असर आगे सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में कीमती धातुओं में कारोबार करने वाले निवेशकों के लिए आने वाले सत्र महत्वपूर्ण रह सकते हैं।









