युवाओं से बोले- सेवा जीवन का मुख्य उद्देश्य और स्वभाव में होनी चाहिए
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा पर निकले प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सेवा यात्रियों ने अपनी यात्रा के अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। यह यात्रा युवाओं को सामुदायिक सेवा और जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से शुरू हुई यह यात्रा वडनगर और वाराणसी के बीच विभिन्न राज्यों, जिलों, कस्बों और गांवों से होकर गुजर रही है। दस समूहों में युवा प्रतिभागी बाइक के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। अभियान का समापन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
गांव-गांव पहुंच रहा सेवा और जनभागीदारी का संदेश
यात्रा का उद्देश्य केवल मोटरसाइकिल अभियान तक सीमित नहीं है। रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों में सेवा, जनसंपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सेवा यात्रियों द्वारा स्थानीय लोगों से संवाद के साथ स्वच्छता अभियान, स्कूलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य सामुदायिक स्थलों पर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया जा रहा है।
वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक चल रही इस दोतरफा बाइक यात्रा में अलग-अलग राज्यों के युवा शामिल हैं। यात्रा के दौरान स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क स्थापित कर सेवा कार्यों के माध्यम से जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।
सेवा को बताया जीवन का मार्ग
सेवा यात्रियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा जीवन का मुख्य उद्देश्य और स्वभाव होना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भी सेवा को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाए रखने की बात कही। प्रधानमंत्री ने युवाओं से सेवा का संदेश केवल भाषणों के माध्यम से नहीं, बल्कि अपने आचरण और कार्यों से देने का आह्वान किया।
17 सितंबर को शुरू हुआ था अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर को की गई थी। इसी अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा को भी रवाना किया गया। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रारंभिक जीवन से जुड़ा है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है।
यात्रा के माध्यम से युवाओं को सामाजिक सेवा, जनसंपर्क और सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।








