नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी उद्योग जगत के साथ व्यापार, निवेश और विनिर्माण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।
मिलवॉकी में नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (NAM) की ओर से आयोजित बिजनेस राउंडटेबल में गोयल ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने और भारतीय उद्योगों के साथ साझेदारी करने का न्योता दिया।
अमेरिकी कंपनियों से भारत में निवेश की अपील
गोयल ने अमेरिकी निर्माताओं से भारत के बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने भारतीय MSME और अमेरिकी कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में सह-निवेश के अवसर तलाशने पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग से ऐसी वैश्विक सप्लाई चेन तैयार करने में मदद मिल सकती है, जो अधिक मजबूत और लचीली हो।
ट्रेड डील पर बातचीत को मिलेगी रफ्तार
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत पहले से जारी है। गोयल के अमेरिकी दौरे को इसी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर जैमीसन ग्रीयर के साथ उनकी प्रस्तावित बातचीत में व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। गोयल अमेरिकी दौरे के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
G20 ट्रेड मिनिस्टर मीटिंग में भारत रखेगा अपना पक्ष
गोयल विस्कॉन्सिन के मिलवॉकी में होने वाली G20 Trade Ministers Meeting में भी शामिल होंगे। बैठक में भारत नियम-आधारित, खुले और पारदर्शी वैश्विक व्यापार ढांचे की वकालत करेगा।
भारत की ओर से विश्व व्यापार संगठन यानी WTO को वैश्विक व्यापार व्यवस्था के केंद्र में रखने पर भी जोर दिए जाने की बात कही गई है।
किसानों से लेकर स्टार्टअप तक पर फोकस
अमेरिका में गोयल की बैठकों का फोकस केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के साथ किसानों, मछुआरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा होगी।
मिलवॉकी और शिकागो में गोयल विनिर्माण, कंज्यूमर गुड्स, एग्री-बिजनेस, रिटेल और टेक्नोलॉजी सेक्टर की अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों पर नजर
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों के बीच इस दौरे को दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि प्रस्तावित व्यापार समझौते के अंतिम स्वरूप और शर्तों पर अभी बातचीत जारी है।
गोयल का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के साथ-साथ निवेश और सप्लाई चेन में सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं।









