उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। महर्षि परिणय संस्कृत गुरुकुलम में रहने वाले पांच विद्यार्थी परिसर में बने पानी के टैंक में डूब गए। हादसे में चार छात्रों की जान चली गई, जबकि एक छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी छात्रों को टैंक से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृत छात्रों की उम्र करीब 18 से 20 साल
हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान मनु कटारे, देवांश शर्मा, आर्यन पांडे और विशु शर्मा के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि सभी की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष के बीच थी।
वहीं हादसे में बचाए गए छात्र रुद्राक्ष का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी जारी है।
गुरुकुल में रहकर संस्कृत की पढ़ाई कर रहे थे छात्र
सभी विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर संस्कृत की शिक्षा हासिल कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, छात्र किसी वजह से परिसर में बने पानी के टैंक तक पहुंचे थे और इसी दौरान पांचों उसके अंदर डूब गए।
हालांकि, वे टैंक में किस वजह से गए थे और हादसा ठीक किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने गुरुकुल परिसर का निरीक्षण किया। टैंक की स्थिति और वहां सुरक्षा के इंतजामों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि टैंक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं और छात्र वहां तक कैसे पहुंचे।
अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान
वृंदावन में हुए इस हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य के साथ घायल छात्र के बेहतर इलाज के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
चार छात्रों की मौत से पसरा मातम
चार विद्यार्थियों की मौत की खबर से गुरुकुल परिसर में शोक का माहौल है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृत छात्रों के परिवारों में भी मातम छा गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किस परिस्थिति में पांच विद्यार्थी टैंक में पहुंचे और इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया।









