प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में शामिल हुए, जहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने बताया कि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक अहम निर्णय लेने जा रहा है। संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है और 16 अप्रैल से महिला आरक्षण पर चर्चा शुरू होगी, जो संसद की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
उन्होंने कहा, “यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है, उनके सम्मान को समर्पित है। हमारा देश एक ऐसा नया इतिहास रचने जा रहा है, जो अतीत के संकल्पों को साकार करेगा और भविष्य के लक्ष्य पूरे करेगा। हम एक ऐसे भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जहां सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यप्रणाली का स्वाभाविक हिस्सा होगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि दशकों से लंबित इस मुद्दे पर अब निर्णायक समय आ गया है। “राज्य विधानसभाओं से लेकर संसद तक, 16, 17 और 18 अप्रैल की तारीखें इस दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2023 में नई संसद भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया गया था और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। “यह कई पीढ़ियों और सभी दलों के प्रयासों का परिणाम है। अब समय आ गया है कि इसे लागू किया जाए।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कानून को 2029 तक लागू करने की व्यापक सहमति है और इसी को ध्यान में रखते हुए संसद में विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी सभी दल मिलकर इस ऐतिहासिक कदम को आगे बढ़ाएंगे।
अंत में उन्होंने देश की महिलाओं को नए युग के आगमन की बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला देश की लाखों माताओं और बहनों को समर्पित है और उनके आशीर्वाद से ही यह संभव हो पाएगा।









