हिंदू धर्म में रंगों का त्योहार होली से पहले होलिका दहन का पर्व मनाया जाता हैं। इसी के साथ रंग वाली होली की शुरुआत होती है। होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है और उससे प्राप्त भस्म यानी राख को भी शुभ बताया जाता है।
होलिका दहन के बाद की राख को लेकर भी एक मान्यता है। होली की राख को घर पर लेकर आने से कई फायदे मिलते है। ऐसे में चलिए आपको बताते हैं होली की राख के उपाय और होली की राख का क्या महत्व होता है?
होलिका की राख से क्या उपाय करें?
- घर पर करें छिड़काव
ज्योतिषयों के अनुसार,होलिका की राख को पूरे घर में छिड़कने से परिवार के बीच मनमुटाव नहीं होता है। ऐसा करते समय आपको कोई ना देखे इस बात का ख्याल रखें। इससे घर में क्लेश नहीं होता है और परिवार में सामंजस्य भी बना रहता है और परिवार में प्यार बढ़ता है।
- शिवलिंग पर चढ़ाए
ज्योतिषयों का मानना है कि, अगर आपकी कुंडली में राहु-केतु की महादशा चल रही है, तो एक मुट्ठी होलिका की राख को शिवलिंग पर चढ़ा दीजिए। कहते है इससे काम में आ रही बाधा दूर होती है और घर- परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है।
- तांबे के सिक्के में बांधकर रखें
होलिका दहन की राख को तांबे के 7 छेद वाले सिक्के में एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दीजिए। ऐसा करने से घर की तरक्की में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होती है।
- गुप्त स्थान पर रखें
होलिका दहन की राख को नमक और राई लगाकर घर के किसी गुप्त स्थान पर रखना भी शुभ बताया गया है। कहा जाता है कि, ऐसा करने से घर पर आने वाली बाधा दूर होती है। अगर घर में कोई बीमार रहता है तो इस राख को पूर्णिमा तक उसके माथे पर लगा दीजिए।
- राख का तिलक लगाए
लोक एवं ज्योतिष मान्यता के अनुसार, राख यानी भस्म का तिलक माथे पर लगाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं। कई परिवार इसे खेतों या व्यवसाय स्थल पर भी रखते हैं, ताकि उन्नति और लाभ बना रहे।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे ग्रह दोष शांति के लिए उपयोगी माना गया है। हालांकि यह पूरी तरह आस्था और विश्वास का विषय है।









