बागेश्वर: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही मैदानी इलाकों की तपिश से बचने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में देवभूमि उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं. बागेश्वर की कल-कल बहती नदियां और प्राकृतिक गाड़-गधेरे (जल स्रोत) पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. ठंडे पानी में डुबकी लगाना गर्मी से राहत और सुकून तो देता है, लेकिन पहाड़ों की नदियों की प्रकृति को समझे बिना उनमें उतरना जोखिम भरा हो सकता है. स्थानीय जानकार रमेश पांडे बताते हैं कि पहाड़ों में नदी का आनंद तभी तक सुरक्षित है जब तक आप पूरी सावधानी बरतते हैं.
अक्सर अपने देखा होगा कि पर्यटक नदी के ऊपर से शांत दिखने वाले हिस्से को सुरक्षित मान लेते हैं. जिससे कई बार हादसे भी होते है, लेकिन पहाड़ों में पानी का बहाव अंदरूनी तौर पर बहुत तेज और गहरा हो सकता है. रमेश पांडे के अनुसार, किसी भी अनजान जगह पर सीधे पानी में न उतरें. हमेशा उन निर्धारित घाटों का ही चुनाव करें जहां स्थानीय लोग नहाते हैं. फिसलन भरे पत्थरों और काई वाली जगहों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि वहां संतुलन बिगड़ना जानलेवा साबित हो सकता है.
तेज धूप और गर्मी के बाद सीधे ठंडे पानी में कूदना शरीर को टेम्परेचर शॉक दे सकता है. इससे अचानक धड़कन बढ़ना, चक्कर आना या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए समझदारी इसी में है कि पानी में उतरने से पहले धीरे-धीरे अपने हाथों और पैरों पर पानी डालें ताकि आपका शरीर ठंडे तापमान के अनुसार ढल सके. बच्चों के मामले में विशेष सतर्कता बरतें और उन्हें कभी भी पानी के किनारे अकेला न छोड़ें.
वहीं, यदि आपको तैराकी नहीं आती है, तो गहरे पानी में जाने की गलती बिल्कुल न करें. ऐसे में किनारे पर रहकर ही आनंद लेना सबसे बेहतर है. अगर जरूरी हो, तो लाइफ जैकेट या ट्यूब का इस्तेमाल जरूर करें. याद रखें कि पहाड़ों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा भी रहता है, इसलिए तेज बहाव वाले स्थानों से हमेशा दूर रहें. बहुत ज्यादा देर तक पानी में रहने से त्वचा पर बैक्टीरिया या फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए सीमित समय तक ही नहाएं.
नदी किनारे मौज-मस्ती के दौरान अक्सर लोग प्लास्टिक की बोतलें, रैपर या कचरा वहीं छोड़ देते हैं. यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पानी को भी प्रदूषित करता है. इसलिए आप भी जब भी पहाड़ों में घूमने आए तो गंदगी न फैलाएं. जब आप नदी से नहाकर बाहर निकले तो घर या होटल पहुंचकर साफ पानी और साबुन से शरीर को अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके.









