रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान के पास बनाई गई NIT चौपाटी शिफ्ट हो गई है। 10 करोड़ की लागत से बनीं 60-70 दुकानें JCB से तोड़ दी गई हैं। वहीं विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कांग्रेसियों को घसीटते हुए पुलिस उठाकर ले गई।
विकास उपाध्याय व्यापारियों के साथ कल रात 11 बजे से धरने पर बैठे थे। चौपाटी को आमानाका शिफ्ट किए जानने पर विवाद बढ़ गया। कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच झूमाझटकी भी हुई। इस दौरान विकास उपाध्याय ने कहा कि अनपढ़ विधायक को नहीं पता स्टूडेंट्स को क्या चाहिए।
वहीं डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीति के बारे में विचार करे। कांग्रेस किस दिशा में जाना चाहती है, किस विषय में क्या सोचती है। सत्ता में रहते हैं तो अलग बात और विपक्ष में रहते हैं तो अलग बात करते हैं। कांग्रेस का दोहरा चरित्र रहता है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, रायपुर की NIT चौपाटी को आज आमानाका शिफ्ट किया गया है, लेकिन शिफ्टिंग से पहले ही विवाद बढ़ गया। इसके विरोध में कल रात से ही व्यापारी, कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत अन्य नेता धरने पर बैठे थे।
इसी बीच 22 नवंबर की सुबह निगम की टीम चौपाटी हटाने पहुंची। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता जेसीबी के सामने लेट गए। जेसीबी पर चढ़कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच झूमा-झटकी भी हुई।
इस दौरान नेताओं और व्यापारियों को पुलिस ने बलपूर्वक हटाया गया। वहीं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को पुलिस घसीटते हुए उठाकर ले गई। सभी को सेंट्रल जेल ले जाया गया है।
व्यापारियों का कहना है कि एक दिन पहले यानी 21 नवंबर को नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची थी। दुकानदारों को शिफ्टिंग की सूचना दी थी। इस दौरान व्यापारियों ने मौके पर ही आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला।
व्यापारियों का आरोप है कि बिना बातचीत के किए, बिना तैयारी और बिना विकल्प दिए दुकानों को हटाने से उनका कारोबार ठप हो गया है। बिना तैयारी के अचानक आमानाका भेजने को कहा जा रहा है। ऐसे में उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है।इस बीच, कल रात से हड़ताल पर बैठे पूर्व MLA विकास उपाध्याय ने कहा कि 10 करोड़ का कंस्ट्रक्शन गिरा दिया गया। यहां के MLA अनपढ़ हैं और उन्हें नहीं पता कि स्टूडेंट्स को क्या चाहिए। वहां 60-70 दुकानें थीं, जिन्हें गिरा दिया गया।
विकास उपाध्याय ने कहा कि हमारे साथी घायल हुए, लेकिन हम डटे रहे। हमने BJP नेता के सामने हाथ भी जोड़े, लेकिन जिद्दी MLA ने सुनने से मना कर दिया।रायपुर में लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च करके चौपाटी का विकास किया गया था, जिसका पूर्व विधायक राजेश मूणत ने कड़ा विरोध किया था। 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद चौपाटी को हटाने और उस स्थान पर नालंदा-2 बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ।
नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरे होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख घोषित की, लेकिन इससे पहले ही रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर इस जमीन पर अपना दावा जता दिया। विवाद के बाद नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत का दौर जारी है, ताकि जल्द ही इस मसले का हल निकाला जा सके।








