उत्तर भारत के मौसम में इन दिनों तेजी से बदलाव देखा जा रहा है और अलग-अलग राज्यों में परिस्थितियां पूरी तरह भिन्न बनी हुई हैं। वर्तमान में उत्तर भारत एक ‘संक्रमण काल’ से गुजर रहा है। अप्रैल आने के साथ ही गर्मी की आहट साफ दिखाई देने लगी है। एक ओर जहां मैदानी इलाकों में सूरज के तेवर तीखे हो रहे हैं, वहीं हिमालय की चोटियों पर कुदरत का बर्फीला मिजाज अब भी कायम है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे मैदानी राज्यों में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रहती है, लेकिन दिन चढ़ते ही धूप तेज हो जाती है, जिससे कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में आज बारिश भी हुई। देश की राजधानी दिल्ली में भी मौसम शुष्क बना हुआ है, जहां दिन में हल्की गर्माहट और सुबह हल्की ठंड महसूस की जा रही है। इसी तरह हरियाणा और पंजाब में भी सुबह ठंडक और दिन में साफ आसमान के साथ मध्यम तापमान बना हुआ है।
पश्चिमी भारत की बात करें तो राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क है और वहां तापमान तेजी से बढ़ रहा है। खासकर पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अब ज्यादा दिखने लगा है, हालांकि रात के तापमान में हल्की गिरावट से थोड़ी राहत मिलती है। इसके ठीक उलट, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में अब भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादलों का डेरा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान काफी नीचे बना हुआ है और ऊंचे इलाकों में अब भी बर्फ जमी हुई है।
पूर्वी भारत के राज्य बिहार में मौसम अब धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। यहां सुबह की हल्की ठंडक के बाद दिन में तापमान बढ़ जाता है, हालांकि नदी किनारे वाले क्षेत्रों और कई जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मैदानों में तापमान में धीरे-धीरे और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो कुछ क्षेत्रों में अचानक बारिश या बादल छाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।









