रायपुर। राज्यसभा के लिए कांग्रेस से फूलो देवी नेताम को दोबारा मौका देकर आलाकमान ने चौंका दिया। दरअसल सूबे के नेताओं को कहा गया था कि जब स्थानीय की मांग कर रहे हैं तो सभी मिलकर एक नाम तय कर लें लेकिन गुटबाजी में उलझी पार्टी नेताओं ने अपने -अपने खेमे से नाम आगे बढ़ा दिया तो कुछ ने स्वंय दावेदारी कर दी। रिपोर्ट दिल्ली तक पहुंचती रही और फूलोदेवी को दोबारा अवसर मिल गया। एक खास बात ये भी रही है कि अपने पिछले कार्यकाल में फूलोदेवी नेताम दिल्ली में लगातार संसद से लेकर पार्टी फोरम में सक्रिय रही तो सिर्फ संगठन के लिए समर्पित होकर। इसी वजह से गांधी परिवार के गुड बुक में भी रहीं। राज्य के किसी भी नेता के खेमेबंदी से दूर रही। इसका फायदा भी उसे मिला। आदिवासी महिला चेहरा वह भी बस्तर इलाके से होना भी प्लस रहा और भाजपा ने भी महिला प्रत्याशी तय किया है इसलिए माहौल अनुकूल रहा और अब वे फिर से राज्यसभा सांसद चुनी जायेंगी।
फूलोदेवी को दोबारा मौका मिलने की वजह ही कुछ और है…
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