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खुलेगा राहत का पिटारा या बढ़ेगी महंगाई, शनि-सूर्य की चाल से समझें देश का आर्थिक भविष्य

1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11:00 बजे संसद में बजट पेश करेंगी। जहां देश भर के अर्थशास्त्री अपना अनुमान लगा रहे हैं वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति बजट के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं की ओर इशारा कर रही है। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा जी से कि साल 2026 का बजट कैसा रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार स्वामी शनि और सूर्य दोनों हैं जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

शनि और सूर्य का प्रभाव

अंक ज्योतिष के अनुसार 2026 पर सूर्य और शनि का गहरा प्रभाव रहेगा। शनि जनता की जरूरतों का कारक है जबकि सूर्य सत्ता और प्रशासन का। शनि के प्रभाव से इस बजट में किसानों के लिए राहत भरे फैसले लिए जा सकते हैं। कृषि उपकरणों पर भारी छूट मिलने की संभावना है। हालांकि शनि (वायु तत्व) और सूर्य (अग्नि तत्व) का स्वभाव अलग होने के कारण प्रशासनिक खर्चों और राजस्व वृद्धि के बीच तालमेल बिठाना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

भारत की कुंडली और ग्रहों की स्थिति

स्वतंत्र भारत की कुंडली (वृषभ लग्न, कर्क राशि) में वर्तमान में मंगल की महादशा चल रही है। मंगल भूमि, भवन और सत्ता का कारक है। कुंडली के नवम भाव में मंगल का गोचर बजट को संतुलित रखेगा लेकिन इनकम टैक्स के दायरे में वृद्धि की संभावना भी बन रही है। गुरु के वक्री होने से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों पर दबाव देखा जा सकता है

क्या होगा सस्ता और क्या होगा महंगा?

शनि के लाभेश भाव में होने से मेडिकल सेक्टर और शिक्षा (प्राथमिक) के क्षेत्र में आम जनता को राहत मिलेगी। मेडिकल सुविधाएं सस्ती होने से जनता में प्रसन्नता रहेगी। हालांकि मंगल और शनि की युति के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में जेब ढीली करनी पड़ सकती है।

महंगा होगा: लोहा, इस्पात, तेल, उच्च शिक्षा, खदान से जुड़ी वस्तुएं और रियल एस्टेट।

सस्ता होगा: कृषि उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं और मेक इन इंडिया से जुड़ी स्वदेशी वस्तुएं।

रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

शनि के प्रभाव से सरकार का पूरा ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर रहेगा। रेलवे के बजट में माल ढुलाई और आधुनिक सुविधाओं पर निवेश बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यात्री किराए में मामूली वृद्धि की ज्योतिषीय संभावना दिख रही है। मेक इन इंडिया और शिल्पकला के क्षेत्रों को सरकार से विशेष प्रोत्साहन और राहत मिल सकती है।

राहु-केतु का खेल: सरकारी लाभ और डिजिटल ग्रोथ

दशम भाव में राहु की स्थिति अचानक लाभ के योग बनाती है। इसका लाभ सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है। राहु के प्रभाव से सरकारी योजनाएं आम जनता तक डिजिटल माध्यमों से तेजी से पहुँचेंगी। शिल्प और तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए यह बजट नई उम्मीदें लेकर आएगा।

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