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नक्सलवाद पर सियासत तेज: अमित शाह को भूपेश बघेल ने दी खुली बहस की चुनौती

रायपुर । छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के दावों के बीच अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें खुली बहस की चुनौती दी है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बघेल के आरोपों को असत्य बताते हुए पलटवार किया है।

अमित शाह के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान केंद्र को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इस संबंध में सबूत भी पेश कर सकते हैं।

शाह ने यह भी कहा कि 2023 में राज्य में सरकार बदलने के बाद सहयोग बेहतर हुआ, जिसके आधार पर 24 अगस्त 2024 को 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया था।

भूपेश बघेल की खुली चुनौती
अमित शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने उन्हें सीधे बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद में गलत बयान दिया है और कांग्रेस सरकार ने हमेशा केंद्र का सहयोग किया।

बघेल ने कहा, “समय और स्थान तय कर लें, मैं बहस के लिए तैयार हूं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के मुद्दे पर देश और प्रदेश को गुमराह कर रही है।

साथ ही उन्होंने बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि हर गांव को एक करोड़ रुपये देने का वादा कब पूरा होगा।

सीएम साय का जवाब
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी “कमजोरी छुपाने की कोशिश” है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद जब समीक्षा की गई, तब सामने आया कि देश का 75 प्रतिशत नक्सल प्रभाव छत्तीसगढ़ में था।

साय ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने नक्सलवाद से लड़ने में अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखाई और केंद्र को पूरा सहयोग नहीं मिला।

केंद्र सरकार को दिया श्रेय
सीएम साय ने नक्सलवाद के खात्मे का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देते हुए कहा कि 2024 में लिया गया संकल्प अब पूरा हो चुका है। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि अब बस्तर क्षेत्र तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।

राहुल गांधी पर भी निशाना
सीएम साय ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की कुछ घटनाओं और बयानों से गलत संदेश गया। साय ने कहा कि जब कुख्यात नक्सली हिडमा के मारे जाने के बाद कुछ नारों को सोशल मीडिया पर साझा किया गया, तो इससे कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठते हैं।

राजनीतिक माहौल गर्म
नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच तालमेल के दावों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म हो गई है। एक ओर सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसकी सच्चाई और दावों पर सवाल उठा रहा है।

आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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