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 ‘चुप्पी तोड़ें, संवाद जोड़ें – एक बातचीत बचा सकती है जिंदगी’

  • आत्महत्या पर कथा को बदलें, बातचीत शुरू करें – लालपुर में विद्यार्थियों को दिया जागरूकता का संदेश
  • चेतावनी संकेतों को पहचानने, बिना आलोचना सुने और समय पर मदद लेने किया प्रेरित

एमसीबी. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर “आत्महत्या पर कथा को बदलना (Changing the Narrative on Suicide) बातचीत शुरू करें (Start the Conversation)” विषय पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालपुर में विद्यार्थियों के लिए आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशानुसार, जिला नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के समन्वय से ए.के. नर्सिंग कॉलेज के शिक्षकों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा आयोजित एवं संचालित किया गया।

कार्यक्रम में पोस्टर एवं प्रदर्शनी पट्टिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्महत्या से जुड़े संभावित चेतावनी संकेतों की जानकारी दी गई। इनमें व्यवहार एवं मनोदशा में अचानक बदलाव, मित्रों और परिवार से दूरी बनाना, निराशा व्यक्त करना तथा जीवन समाप्त करने संबंधी बातें करना प्रमुख संकेतों के रूप में बताए गए। विद्यार्थियों को समझाया गया कि ऐसे संकेतों को नजर अंदाज न करें और संबंधित व्यक्ति की बात बिना आलोचना किए संवेदनशीलता के साथ सुनें।

नर्सिंग कॉलेज के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों से संवेदनशील एवं प्रभावी संवाद किया। इस दौरान बताया गया कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषय पर बातचीत करना किसी व्यक्ति को अपनी परेशानी साझा करने, भावनाओं को व्यक्त करने और स्वयं को समझा हुआ महसूस करने का अवसर देता है। आवश्यकता होने पर परिवार, शिक्षक, परामर्शदाता या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से समय रहते सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की ओर से आमजन, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की गई कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें तथा अत्यधिक तनाव, निराशा या भावनात्मक परेशानी को नजर अंदाज न करें। समय रहते अपनी बात किसी विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करना और विशेषज्ञ सहायता लेना महत्वपूर्ण है। सकारात्मक आत्म-संवाद, योग, ध्यान तथा स्वयं के प्रति स्नेह एवं सम्मान जैसी स्वस्थ आदतों को जीवन शैली में शामिल करने की सलाह दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (24×7) एवं टेली-मानस मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

“चुप्पी नहीं, संवाद चुनें-सही समय पर शुरू हुई एक बातचीत किसी का जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम हो सकती है।”

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