पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, कमर दर्द, थकान और भारीपन जैसी परेशानियां आम हैं। ऐसे में कई महिलाएं जिम जाना या एक्सरसाइज करना बंद कर देती हैं, जबकि कुछ महिलाएं अपने रोजाना के वर्कआउट रूटीन को जारी रखती हैं। लेकिन क्या मासिक धर्म के दौरान एक्सरसाइज करना सही है? क्या इससे दर्द बढ़ सकता है या हल्की फिजिकल एक्टिविटी से राहत मिल सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप सहज महसूस कर रही हैं, तो पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करना आमतौर पर सुरक्षित है। कुछ महिलाओं को इससे ऐंठन, तनाव और मूड में होने वाले बदलावों से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस दौरान वर्कआउट का चुनाव अपनी ऊर्जा, दर्द और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान कौन-सी एक्सरसाइज करना है बेहतर?
1. हल्की वॉकिंग करें
पीरियड्स के दौरान अगर ज्यादा दर्द या थकान नहीं है, तो 10 से 20 मिनट की आरामदायक वॉक से शुरुआत कर सकती हैं। इससे शरीर सक्रिय रहता है और कुछ महिलाओं को पेट की ऐंठन व मूड स्विंग में राहत मिल सकती है। अगर चलने में परेशानी महसूस हो, तो जबरदस्ती वॉक न करें।
2. हल्की स्ट्रेचिंग से पाएं आराम
पीरियड्स के दौरान पेट और कमर में खिंचाव महसूस होने पर हल्की स्ट्रेचिंग मददगार हो सकती है। कैट-काउ स्ट्रेच और चाइल्ड पोज जैसे आसान योगासन शरीर को आराम देने में मदद कर सकते हैं। ध्यान रखें कि किसी भी स्ट्रेच या पोज के दौरान दर्द बढ़ने लगे, तो उसे तुरंत रोक दें।
3. योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज अपनाएं
धीमी गति से सांस लेने की एक्सरसाइज और हल्का योग तनाव कम करने तथा मन को शांत रखने में मदद कर सकते हैं। पीरियड्स के दौरान कठिन योगासन करने या शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालने की जरूरत नहीं है। अपनी सुविधा के अनुसार आसान गतिविधियां चुनें।
4. जिम में हल्का वर्कआउट करें
अगर आप नियमित रूप से जिम जाती हैं और पीरियड्स के दौरान भी अच्छा महसूस कर रही हैं, तो हल्के वजन या कम इंटेंसिटी वाले वर्कआउट जारी रख सकती हैं। जरूरत पड़ने पर सेट कम करें और बीच-बीच में आराम लें। अगर दर्द, चक्कर या असामान्य कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत वर्कआउट रोक दें।
क्या पीरियड्स में भारी एक्सरसाइज करना नुकसानदायक है?
पीरियड्स के दौरान हर महिला के लिए भारी एक्सरसाइज करना मना नहीं है। अगर आप स्वस्थ हैं, नियमित रूप से ट्रेनिंग करती हैं और किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हो रही, तो अपनी क्षमता के अनुसार सामान्य वर्कआउट जारी रख सकती हैं।
हालांकि, तेज दर्द, ज्यादा थकान या कमजोरी होने पर वर्कआउट की तीव्रता कम करना या आराम करना बेहतर है। बहुत अधिक एक्सरसाइज के साथ पर्याप्त भोजन न लेने से हार्मोनल संतुलन और मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो सकता है। इसलिए शरीर की जरूरतों के अनुसार भोजन, पानी और आराम का ध्यान रखना जरूरी है।
इन लक्षणों में तुरंत रोक दें एक्सरसाइज
पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करते समय शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन स्थितियों में वर्कआउट रोक दें:
- पेट में तेज या असामान्य दर्द होना।
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना।
- सांस फूलना या असामान्य कमजोरी महसूस होना।
- रक्तस्राव बहुत अधिक होना, जैसे लगातार कई घंटों तक हर घंटे पैड पूरी तरह भीग जाना।
अगर दर्द असहनीय है, रक्तस्राव बहुत ज्यादा है या कमजोरी बार-बार महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
पीरियड्स में एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
मासिक धर्म के दौरान हर दिन शरीर की ऊर्जा एक जैसी नहीं रहती। किसी दिन हल्की वॉक पर्याप्त हो सकती है, तो किसी दिन आप अपना सामान्य वर्कआउट भी आराम से कर सकती हैं। इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है।
एक्सरसाइज के दौरान पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित भोजन करें और जरूरत पड़ने पर आराम लें। पीरियड्स में वर्कआउट करना अनिवार्य नहीं है और न ही हर बार इसे छोड़ना जरूरी है। अपनी सुविधा और शारीरिक स्थिति के अनुसार फैसला लेना ही सबसे बेहतर तरीका है।









