अखरोट को सेहत के लिए फायदेमंद ड्राई फ्रूट माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी हरे अखरोट यानी ग्रीन वॉलनट के बारे में सुना है? सामान्य अखरोट के पूरी तरह पकने से पहले तोड़े जाने वाले ग्रीन वॉलनट का बाहरी हिस्सा हरे रंग का होता है। अंदर की गिरी भी पूरी तरह विकसित नहीं होती और इसकी बनावट नरम व स्वाद थोड़ा अलग होता है।
ग्रीन वॉलनट में पॉलीफेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट, फैटी एसिड और कई बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल किया जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं।
दिल के लिए भी उपयोगी
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। सामान्य अखरोट पर हुई कई रिसर्च में इसके सेवन और बेहतर लिपिड प्रोफाइल के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, ग्रीन वॉलनट के खास स्वास्थ्य लाभों को लेकर अभी और शोध की जरूरत है।
पॉलीफेनॉल का अच्छा स्रोत
हरे अखरोट के अलग-अलग हिस्सों में पॉलीफेनॉल और अन्य बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं। पकने की प्रक्रिया के दौरान इन कंपाउंड्स की मात्रा और संरचना में बदलाव हो सकता है। इसी कारण कच्चे और पके अखरोट के पोषण संबंधी गुणों में अंतर देखा जाता है।
खाने से पहले रखें सावधानी
ग्रीन वॉलनट का इस्तेमाल कुछ जगहों पर अचार, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। इसे अच्छी तरह साफ करके और खाने योग्य अवस्था में ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके हरे बाहरी छिलके को बिना जानकारी के सीधे खाने या किसी घरेलू उपचार में इस्तेमाल करने से बचें।
फ्रेश ग्रीन वॉलनट में नमी अधिक होती है और इसकी गिरी नरम व मलाईदार होती है। इसी वजह से यह सामान्य सूखे अखरोट की तुलना में जल्दी खराब भी हो सकता है।









