दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने मेडिकल आधार पर जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी भूख हड़ताल का यह 21वां दिन था। अस्पताल के अनुसार उन्हें लंबे समय तक उपवास और डिहाइड्रेशन के कारण कमजोरी हुई है। फिलहाल वे होश में हैं, उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर (वाइटल्स) स्थिर हैं, लेकिन उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार की आवश्यकता है।
सफदरजंग अस्पताल के आधिकारिक बयान में कहा गया, “सोनम वांगचुक को आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लंबे समय तक उपवास और डिहाइड्रेशन की वजह से वे कमजोर हो गए हैं। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन शरीर के पैरामीटर्स को सामान्य करने के लिए लगातार निगरानी और इलाज की जरूरत है।”
इससे पहले 16 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य संबंधी जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया था, जिसमें सरकारी डॉक्टरों द्वारा नियमित मेडिकल जांच की बात कही गई थी। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि उनकी सेहत की रोजाना निगरानी की जाए और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने कहा था कि प्रत्येक नागरिक का जीवन मूल्यवान है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील भी की।
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि सोनम वांगचुक को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं थी और उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इस दावे पर प्रशासन या अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अस्पताल परिसर में दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और अनधिकृत लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके।









