प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जमीन के अंदर दबाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक मकान की तलाशी के दौरान जमीन खोदकर तीन ड्रम बरामद किए, जिनमें नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। बरामद रकम कितनी है, फिलहाल पुलिस इसकी गिनती में जुटी है।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बरामद नकदी करोड़ों रुपये में होने की बात सामने आ रही है। कुछ सूत्रों के हवाले से रकम करीब 60 करोड़ रुपये तक होने की चर्चा है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस ने मकान को घेरा, डॉग स्क्वायड की मदद से जांच
गंगानगर पुलिस ने बुधवार रात बरईपुर रामनगर गांव में राजेश यादव के मकान को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। जमीन की खुदाई के दौरान एक के बाद एक तीन ड्रम मिलने और उनमें नोटों की गड्डियां देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मकान को सील कर दिया है। सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जमीन के भीतर और नकदी छिपी होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली है। जरूरत पड़ने पर दोबारा खुदाई कराए जाने की संभावना है।
जीजा-साले के विवाद के बीच सामने आई नकदी की जानकारी
ग्रामीणों के मुताबिक, राजेश और राकेश का अपनी बहन और जीजा के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई नकदी की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित बहन की ससुराल भी घटनास्थल के आसपास ही है।
ग्रामीणों के बीच पैसों के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने की भी चर्चा है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
पुणे से रकम लाने की भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि संबंधित लोग पुणे से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर प्रयागराज पहुंचे थे और बाद में रकम को जमीन में छिपा दिया गया। हालांकि, इतनी बड़ी रकम प्रयागराज तक कैसे पहुंची, इसका वास्तविक स्रोत क्या है और इसे जमीन में कब दबाया गया था—इन सवालों का जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां बरामद नकदी की सही मात्रा, उसके स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
गांव में पुलिस बल तैनात
मामले की सूचना फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे थे। पुलिस ने मकान के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। दो थानों की पुलिस के साथ एसीपी फूलपुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर निगरानी रख रहे हैं।
फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान बरामद रकम की गिनती और उसके स्रोत का पता लगाने पर है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मकान के आसपास या जमीन के भीतर कहीं और नकदी तो नहीं छिपाई गई है।









