बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण कर जेल जाने का आदेश दिया है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान अनंत सिंह के वकील ने परिवार में 25 नवंबर को शादी होने की जानकारी दी। इस पर कोर्ट ने उन्हें शादी के बाद 1 दिसंबर तक सरेंडर करने की मोहलत दी।
चार महीने में जांच पूरी करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे सुनवाई होगी।
इससे पहले दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने पटना हाई कोर्ट द्वारा मार्च में अनंत सिंह को दी गई जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हाई कोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज कर जमानत दी।
अनंत सिंह पर दर्ज हैं 62 मामले
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनंत सिंह के खिलाफ 62 आपराधिक मामलों का जिक्र किया था। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
दुलारचंद यादव की हत्या बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के समर्थकों के काफिले आमने-सामने आ गए। विवाद के बाद गोलीबारी हुई, जिसमें दुलारचंद यादव की मौत हो गई।
इस मामले में अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें 1 दिसंबर तक जेल लौटना होगा।









