भारतीय महिला क्रिकेट टीम को अपनी कप्तानी में वनडे विश्व कप 2025 का खिताब दिलाने वाली हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह अब सभी फॉर्मेट में कप्तानी की जिम्मेदारी से हट रही हैं। हालांकि, वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी।
हरमनप्रीत ने यह फैसला उपकप्तान स्मृति मंधाना, मुख्य कोच अमोल मजूमदार और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हुई बैठक के बाद लिया। माना जा रहा है कि स्मृति मंधाना को तीनों फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की नई कप्तान बनाया जा सकता है।
कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि यह उनके लिए आसान फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों का त्याग देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, कप्तान के तौर पर उन्होंने कई मुश्किल फैसले लिए, जिनका उद्देश्य टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना था।
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में भारतीय टीम के साथ बिताए उतार-चढ़ाव भरे सफर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल टूटने और मुश्किल दौर के साथ-साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया। अब उनका मानना है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उसमें प्रतिभा, आत्मविश्वास और मजबूत भविष्य मौजूद है।
कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट के लिए उनका सफर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कप्तानी खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। अब वह खेल के प्रति अपने प्यार के लिए एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।
हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक कप्तानी संभाली थी। उनकी अगुवाई में भारत ने वनडे विश्व कप 2025 के अलावा महिला टी20 एशिया कप, एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक जीता। उन्होंने कप्तान के तौर पर भारत को पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में नेतृत्व किया।









