देश की आम जनता, खासकर गरीबों और वंचितों के लिए सरकार अलग-अलग मोर्चे पर काम कर रही है। सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार ने 2015-16 के बजट में इंश्योरेंस और पेंशन सेक्टर से जुड़ी तीन सोशल सिक्योरिटी स्कीम की घोषणा की। इस दिशा में 9 मई 2015 को अटल पेंशन योजना शुरू की गई थी। यह स्कीम 1 जून 2015 से लागू है।
हालांकि, सरकार ने जिस मकसद के साथ इस योजना की शुरुआत की थी, उसका असर आज भी बहुत कम ही देखने को मिलता है। इसका असली कारण यह है कि इस योजना के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। यही वजह है कि अधिकांश संख्या में पात्र लोग भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें इस योजना की जानकारी है। लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं है कि इस योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है। तो आइए इस योजना से जुड़ी सभी जानकारियों को बेहद ही आसान भाषा में समझते हैं।
Atal Pension Yojana क्या है?
अटल पेंशन योजना (APY) भारत सरकार द्वारा संचालित एक सामाजित सुरक्षा योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब नागरिकों को बुढ़ापे के समय आर्थिक सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक का मासिक पैंशन की गारंटी मिलती है।
Atal Pension Yojana के फायदे
अटल पेंशन योजना एक वॉलंटरी समय-समय पर कंट्रीब्यूशन पर आधारित एक पेंशन सिस्टम है, जिसके तहत सब्सक्राइबर को ये फायदे मिलेंगे-
1. केंद्र सरकार की गारंटी वाली मिनिमम पेंशन का लाभ
अटल पेंशन योजना के तहत हर सब्सक्राइबर को 60 साल की उम्र के बाद से मृत्यु तक केंद्र सरकार की गारंटी वाली मिनिमम पेंशन 1000, 2000, 3000, 4000 या 5000 रुपये हर महीने मिलेगी।
2. सब्सक्राइबर की मौत के बाद जीवनसाथी को लाभ
सब्सक्राइबर की मौत के बाद उसके जीवनसाथी, जीवनसाथी की मौत तक सब्सक्राइबर के बराबर ही पेंशन रकम पाने का अधिकार है।
3. सब्सक्राइबर के नॉमिनी को पेंशन का अधिकार
सब्सक्राइबर और जीवनसाथी दोनों की मौत के बाद, सब्सक्राइबर का नॉमिनी, सब्सक्राइबर की 60 साल की उम्र तक जमा हुई पेंशन रकम पाने का हकदार होगा।
60 वर्ष की आयु से पहले सब्सक्राइबर के निधन पर
सब्सक्राइबर की मौत (60 साल की उम्र से पहले) होने पर सब्सक्राइबर के जीवनसाथी के पास यह विकल्प होता है कि वह सब्सक्राइबर के APY अकाउंट में बाकी समय तक कंट्रीब्यूट करना जारी रखें, जब तक कि ओरिजिनल सब्सक्राइबर की उम्र 60 साल न हो जाए। तब सब्सक्राइबर के जीवनसाथी को सब्सक्राइबर की मौत तक उतनी ही पेंशन रकम मिलेगी जितनी सब्सक्राइबर को मिलती है। सब्सक्राइबर और जीवनसाथी दोनों की मौत के बाद सब्सक्राइबर का नॉमिनी, सब्सक्राइबर की 60 साल की उम्र तक जमा हुई पेंशन रकम पाने का हकदार होगा।
न्यूनतम पेंशन की गारंटी सरकार देती है, यानी अगर कंट्रीब्यूशन पर आधारित जमा रकम इन्वेस्टमेंट पर अनुमानित रिटर्न से कम कमाती है और मिनिमम गारंटीड पेंशन देने के लिए काफी नहीं है, तो केंद्र सरकार ऐसी कमी को पूरा करेगी। या फिर अगर इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न ज्यादा है, तो सब्सक्राइबर को ज्यादा पेंशन के फायदे मिलेंगे।
Atal Pension Yojana के लिए योग्यता
- अटल पेंशन योजना का लाभ वे सभी लोग ले सकते हैं जिनका सेविंग्स बैंक अकाउंट है।
- अटल पेंशन योजना में शामिल होने की कम से कम उम्र 18 साल और ज्यादा से ज्यादा उम्र 40 साल है।
- 1 अक्टूबर, 2022 से कोई भी नागरिक जो इनकम टैक्स पेयर है या रहा है, वह इस योजना के लिए योग्य नहीं है।
Atal Pension Yojana कितना पैसा कटता है?
- अटल पेंशन योजना में जुड़ने की कम से कम उम्र 18 साल और ज्याद से ज्यादा 40 साल है। पेंशन छोड़ने और शुरू करने की उम्र 60 साल है।
- अटल पेंशन योजना में सब्सक्राइबर का कंट्रीब्यूशन, तय कंट्रीब्यूशन अमाउंट के ‘ऑटो-डेबिट’ की सुविधा के जरिए सब्सक्राइबर के सेविंग्स बैंक अकाउंट से हर महीने, हर तीन महीने में या हर छह महीने में किया जाएगा।
- सब्सक्राइबर को अटल पेंशन योजना में जुड़ने की उम्र से लेकर 60 साल की उम्र तक तय कंट्रीब्यूशन अमाउंट कंट्रीब्यूट करना जरूरी है।
APY निकासी और पेंशन पेमेंट
60 साल पूरे होने पर सब्सक्राइबर को निवेश रिटर्न के आधार पर गारंटीड मिनिमम मंथली पेंशन, या ज्यादा मंथली पेंशन मिलेगी। खास हालात में यानी बेनिफिशियरी की मौत या खास बीमारियों की स्थिति में जैसा कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत एग्जिट और विड्रॉल) रेगुलेशंस, 2015 में बताया गया है, 60 साल की उम्र से पहले अब तक जमा पेंशन रकम नॉमिनी या सब्सक्राइबर को दी जाएगी, जैसा भी मामला हो।

अटल पेंशन योजना बीच में छोड़ने पर क्या?
अगर कोई सब्सक्राइबर, जिसने अटल पेंशन योजना के तहत सरकारी को-कंट्रीब्यूशन लिया है और 60 साल की उम्र से पहले अपनी मर्जी से छोड़ना चाहता है, तो उसे सिर्फ APY में किए गए उसके कंट्रीब्यूशन और उसके कंट्रीब्यूशन पर मिला नेट एक्चुअल इंटरेस्ट (अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज काटने के बाद) वापस किया जाएगा, जबकि सरकारी को-कंट्रीब्यूशन और सरकारी को-कंट्रीब्यूशन पर मिला ब्याज ऐसे सब्सक्राइबर को वापस नहीं मिलता है।
Atal Pension Yojana कैसे बंद करें?
अगर किसी कारणवश आप अटल पेंशन योजना (APY) को बंद करवाना चाहते हैं, तो बेहद ही आसान प्रक्रिया के तहत आप इसे बंद करवा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने बैंक या डाकघर में जाना होगा, जहां से आप अपना सेविंग बैंक अकाउंट खुलवाया था। वहां जाकर ‘अटल पेंशन योजना स्वैच्छिक निकास (Voluntary Exit) फॉर्म’ भरें और उसे अपने PRAN कार्ड, आधार कार्ड, व बैंक पासबुक की फोटोकॉपी के साथ जमा करें।









