Keerthy Suresh Career: साउथ सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री कीर्ति सुरेश ने अपनी शानदार अदाकारी और सादगी से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी मेहनत के दम पर फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियों में जगह बनाई। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में शुरुआत करने से लेकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने तक, उनका सफर कई लोगों के लिए प्रेरणा है।
बचपन से ही फिल्मों से रहा नाता
कीर्ति सुरेश का जन्म 17 अक्टूबर 1992 को चेन्नई में हुआ था। उनके पिता सुरेश कुमार फिल्म निर्माता हैं, जबकि उनकी मां मेनका भी अभिनेत्री रह चुकी हैं। ऐसे में बचपन से ही उन्हें फिल्मी दुनिया को करीब से देखने और समझने का मौका मिला।
कीर्ति ने साल 2000 में मलयालम फिल्म ‘पायलट्स’ में बाल कलाकार के रूप में काम किया था। अभिनय के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया।
‘गीतांजलि’ से मुख्य अभिनेत्री के रूप में शुरुआत
कीर्ति सुरेश ने साल 2013 में मलयालम फिल्म ‘गीतांजलि’ से मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया। अपनी अभिनय क्षमता के दम पर उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की।
‘महानती’ ने बदल दी किस्मत
कीर्ति सुरेश के करियर की सबसे अहम फिल्मों में ‘महानती’ का नाम शामिल है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सावित्री का किरदार निभाया था। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली।
इस भूमिका के लिए कीर्ति को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय सिनेमा की प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में एक खास पहचान दिलाई।
रेखा और सावित्री से जुड़ा फिल्मी इतिहास
‘महानती’ में सावित्री की जिंदगी को पर्दे पर दिखाया गया था। सावित्री का नाम दक्षिण भारतीय सिनेमा की महान अभिनेत्रियों में लिया जाता है। उनका निजी और पेशेवर जीवन लंबे समय तक दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रहा। वहीं, हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा के पिता जैमिनी गणेशन भी उसी फिल्मी दौर की प्रमुख हस्तियों में शामिल थे। इस तरह फिल्म की कहानी दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा के इतिहास से जुड़े कई पहलुओं की याद दिलाती है।
सादगी और अभिनय से बनाई अलग पहचान
कीर्ति सुरेश को उनकी प्राकृतिक अभिनय शैली और पारंपरिक भारतीय परिधानों के प्रति पसंद के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करके अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई है।
उनका सफर बताता है कि फिल्मी पृष्ठभूमि होने के बावजूद इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत, प्रतिभा और लगातार बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है। बाल कलाकार से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री बनने तक कीर्ति सुरेश ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए हैं।








