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16 नवंबर को बंद होंगे बद्रीनाथ के कपाट: मुख्य यात्रा के समापन के बाद मुखबा, खरसाली और उखीमठ में शुरू होगी शीतकालीन यात्रा

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। इस सीजन में अब तक छह मिलियन यानी 60 लाख से अधिक तीर्थयात्री हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम तक कुल तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 6,031,017 तक पहुंच गया है। इससे पहले पिछले साल 50 लाख से अधिक और 2023 में 56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए थे। इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह यात्रा 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए समाप्त हो जाएगी।

विभिन्न तीर्थस्थलों के आंकड़ों के अनुसार, इस मौसम में बद्रीनाथ धाम सबसे आगे रहा, जहां 2,069,866 तीर्थयात्री पहुंचे। वहीं, 1,775,059 तीर्थयात्रियों के साथ केदारनाथ धाम दूसरे स्थान पर रहा। मानसून के दौरान आपदा के बावजूद प्रशासन के सहयोग से यात्रा का संचालन लगातार जारी रहा और मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य व यातायात की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

शीतकालीन चार धाम यात्रा और आगे की तैयारियां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि श्रद्धालुओं की यह रिकॉर्ड संख्या राज्य के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है। मुख्य दरवाजे बंद होने के बाद अब प्रशासन ‘शीतकालीन चार धाम यात्रा’ की तैयारियों पर जोर दे रहा है। देवी गंगा के मुखबा और देवी यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों तथा केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ में भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, जिसके लिए प्रशासन ने कार्यकारी एजेंसियों को सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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