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निवेशक हुए फिदा, अंतिम दिन 4 गुणा से ज्यादा सब्सक्राइब; जानें कितना पहुंचा लेटेस्ट GMP

 प्रिसिजन इंजीनियरिंग बनाने वाली कंपनी इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बोली के तीसरे और आखिरी दिन भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, 27 जुलाई को सुबह 10:09 बजे तक यह इश्यू 4 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। पब्लिक इश्यू को ऑफर पर 5,50,93,201 शेयरों के मुकाबले 23,02,82,130 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, यानी 4.18 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 12.80 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) में लगभग 2.24 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ। कंपनी ने ऑफरिंग के लिए 461-486 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

कंपनी के आईपीओ में 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और ग्रीन मीडोज इन्वेस्टमेंट्स, अनुराधा कोडुरी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास सहित मौजूदा शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स द्वारा 3,311.21 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। लॉट साइज 30 इक्विटी शेयर है, जिसके लिए रिटेल इन्वेस्टर्स को अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 14,550 रुपये के लिए बोली लगानी होगी।

इंडो-एमआईएम के शेयर ग्रे मार्केट में काफी प्रीमियम पर हैं। इन्वेस्टरगेन और IPO वॉच के डेटा के मुताबिक, 27 जुलाई को इंडो-MIM शेयरों के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 190 रुपये प्रति शेयर था, जो प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे से 39.18 प्रतिशत प्रीमियम दिखाता है। इससे पता चलता है कि लिस्टिंग प्राइस लगभग 675 रुपये प्रति शेयर होने की उम्मीद है।

निवेशकों को ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनऑफिशियल होते हैं और मार्केट की अटकलों पर आधारित होते हैं। वे लिस्टिंग मुनाफे की गारंटी नहीं देते हैं या कंपनी के फंडामेंटल्स को नहीं दिखाते हैं। कंपनी ने 22 जुलाई को अपनी एंकर बुक के जरिए 1,141 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 92 एंकर इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने 485 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे पर 2.35 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे।

ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC MF, SBI म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा AMC जैसे घरेलू म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक ग्लोबल फंड्स और सोसाइटी जेनरल जैसे ग्लोबल नामों ने एंकर बुक में हिस्सा लिया।

कंपनी नेट फ्रेश इनकम में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बकाया उधार चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है, जबकि बाकी का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। मई 2026 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड बकाया उधार 1,212.3 करोड़ रुपये था।

1996 में शुरू हुई इंडो-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में ऑटोमोटिव, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए इंजीनियरिंग कंपोनेंट शामिल हैं। यह फर्म मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली समेत बड़े सॉल्यूशन देती है। कंपनी दुनिया भर में 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी चलाती है। भारत में छह, अमेरिका में छह, में दो और मेक्सिको में एक—और FY26 में 9,000 से ज़्यादा तरह के प्रोडक्ट बनाए।

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