उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के डीआईओएस कार्यालय से हैरान कर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां घोटाले के एक मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी इलहाम की दो पत्नियों समेत सात महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार महिलाएं गाजियाबाद, बुलंदशहर, संभल और बिजनौर जिले की निवासी हैं। पुलिस ने सातों महिलाओं को जेल भेज दिया है।
एएसपी विक्रम दहिया ने प्रेसवार्ता में बताया कि 13 फरवरी 2026 को जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि डीआईओएस कार्यालय में अटैच चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी कार्यालय में वेतन बिल और टोकन जनरेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य देख रहा था। उसने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी बेनिफिशियरी आईडी तैयार कर ट्रेजरी सिस्टम का दुरुपयोग किया। 12 सितंबर 2024 से अब तक उसने 98 ट्रांजेक्शन से 1,01,95,135 रुपये की धनराशि पत्नी अर्शी खातून के खाते में ट्रांसफर कर गबन किया। पुलिस ने अब तक 53 संदिग्ध खातों में करीब 5,50,54,594 रुपये की धनराशि फ्रीज करवाई है।
विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में भारी रकम ट्रांसफर की। इसमें उसकी पत्नी लुबना के खाते में 2.37 करोड़ रुपये, दूसरी पत्नी अजारा खान के खाते में 2.12 करोड़ रुपये,साली फातिमा नवी के खाते में 1.03 करोड़ रुपये, सलहैज आफिया खान के खाते में 80 लाख से अधिक,सास नाहिद के खाते में 95 लाख रुपये, परिचित परवीन खातून के खाते में 48 लाख रुपये,आशकारा परवीन के खाते में 38 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
मामले में पुलिस ने लुबना और फातिमा निवासीगण मोहल्ला जगत थाना रामसत्ती जिला संभल, परवीन खातून निवासी मोहल्ला काजीपारा थाना कोतवाली जिला बिजनौर, आशकारा परवीन निवासी पार्श्वनाथ पैराडाइज मोहननगर जिला गाजियाबाद, अजरा खान, नाहिद और आफिया खान निवासीगण जामुन वाली गली थाना खुर्जा, जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार किया।









