पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत दर्ज की है। 15 साल की TMC सरकार की करारी हार हुई है। इस बीच ममता बनर्जी ने एक आदेश जारी किया है, जोकि काफी चर्चा में है। सरकार के मुख्य सचिव द्वारा राज्य में आदेश जारी कर सभी कार्यालयों से महत्वपूर्ण कागजों को बाहर न ले जाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। यह आदेश ऐसे वक्त पर आया जब राज्य के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे थे। नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में 15 साल पुरानी TMC की सरकार को भारी बहुमत से शिकस्त दी।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नरिअला ने लिखित आदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि सभी विभागीय सचिवों और कार्यालय प्रमुखों से अनुरोध है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कार्यालयों से कोई भी महत्वपूर्ण कागज या कोई फाइल हटाई/क्षतिग्रस्त नहीं की जाए। किसी अन्य तरीके से बाहर न ले जाया जाए।
आगे उन्होंने लिखा कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत कॉपी या स्कैनिंग की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सभी फाइलों/महत्वपूर्ण कागजों/पत्र-व्यवहार का उचित हिसाब रखने का निर्देश दिया। विभाग प्रमुख और विभागीय सचिव व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेंगे कि इस आदेश का अक्षरशः और पूर्ण निष्ठा के साथ पालन किया जाए। इसमें उन्होंने व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय करने की बात कही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 15 सालों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंका। बंगाल में इस ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे निर्णायक राजनीतिक क्षण और हिंदुत्व की जीत करार दिया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर का अंत करार दिया।
शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, चुनाव में न केवल भाजपा के समर्थकों का समर्थन मिला, बल्कि वामपंथी मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने भी राज्य में TMC विरोधी गुट को एकजुट करने में उनका समर्थन किया। चुनाव में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपनी सीट से हार गई, जोकि उनके नेतृत्व और लोकप्रियता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।









